सुपौल, नवम्बर 16 -- सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। धान की खरीद में अधिक नमी के कारण धीमी गति है। क्योंकि सरकार 17% तक नमी वाले धान की खरीद करती है। वर्तमान में धान में 22 से 25 % तक नमी है, जो मानक से अधिक है। इसके कारण किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे हैं और सरकारी क्रय केंद्रों की भी विवशता है। अधिक नमी वाले धान में फफूंद लगने का खतरा होता है और इससे भंडारण के दौरान गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। जिले में 1 नम्बर से जिले में धान की खरीदारी शुरू हुई। लेकिन 16 वें दिन तक महज 113 किसानों से 451.265 एमटी धान की अधिप्राप्ति हुई है। महज 42 क्रय समिति द्वारा किसानों से धान की खरीदारी की गई है। जबकि इस साल जिले के किसानों से धान की खरीदारी के लिए 116 क्रय समितियों का चयन किया गया है। इसमें 110 पैक्स और 6 व्यापार मंडल शामिल हैं। जिला में किसान अभी धा...
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