सुपौल, नवम्बर 22 -- करजाईन बाजार, एक संवाददाता। मिथिला का अद्भुत पर्व नवान्न एवं छह माह पर होने वाला रविवार का व्रत 23 नवंबर को होगा। इस बाबत आचार्य धर्मेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि इस पर्व में जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि नवान्न का भोग लगाया जाता है। अग्नि देवता की पूजा के बाद इसमें दही, चूरा, केला, गुड़ का विशेष महत्व एवं भोजन में शामिल किया जाता है। वहीं बता दें कि खानमासिक रवीव्रत भी 23 नवंबर से ही शुरू हो रहा है। इसमें स्त्रियां विशेष रूप से पूजा उपासना में भाग लेती हैं।

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