सुपौल, फरवरी 13 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। सरकार ने आयुष्मान कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को और कड़ा करते हुए नई एचईएम 2.0 प्रणाली लागू कर दी है। अब लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित सत्यापन के जरिए पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी। इस बदलाव का मकसद यह है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्रों तक पहुंचे और किसी भी तरह के फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। योजना में पारदर्शिता लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। एआई के जरिए संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हजारों कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं, जिनकी विस्तृत पड़ताल चल रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में फर्जी साबित होने वाले कार्डों की चिकित्सा सुविधा तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाएगी। अब परिवार के नए सदस्य जो...
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