सुपौल, फरवरी 5 -- सुपौल, वरीय संवाददाता। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत जिले में जल संरक्षण की विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई थी। इसको लेकर मनरेगा के माध्यम से जिले के 75 तालाब व जलाशयों के जीर्णोद्धार के उद्देश्य से शुरू की गई अमृत सरोवर योजना का कार्य पूर्ण होने के एक वर्ष बाद इनमें से अधिकांश तालाब आज बदहाली में हैं, जबकि दर्जनों सूख चुके हैं। नतीजा यह है कि सरकार के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जिले में जल संरक्षण का मूल उद्देश्य साकार नहीं हुआ। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक अमृत सरोवर के जीर्णोद्धार पर करीब 10 से 12 लाख रुपये तक खर्च किए गए थे। योजना के अनुसार इन सरोवरों को गांवों के लिए आकर्षक और उपयोगी सार्वजनिक स्थल बनाया जाना था। इसी उद्देश्य से सरोवर के चारों ओर पाथ-वे का निर्माण, सुरक्षा के लिए वायर फेंसिंग, प्रवेश द्वार के...