भागलपुर, अप्रैल 17 -- त्रिवेणीगंज। कोई चिट्ठी न संदेश..., फिर भी दीवाल पर टूटी हुई अवस्था में टंगा त्रिवेणीगंज क्षेत्र के गांवों में अभी भी कहीं कहीं लेटर बॉक्स लोगों को सिर्फ मुंह चिढ़ाने का काम कर रहा है। डिजिटल युग में लोग चिट्ठी लिखना भूल गए हैं। एक समय था, जब समय से लेटर बॉक्स खुलता था। लेटर बॉक्स से निकले पोस्टकार्ड, लिफाफा,चिट्ठियां निकलती थीं। लोग अपने प्रियजनों को चिट्ठी पत्री भेजने के लिये लेटर बॉक्स में उसे डालते थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.