भागलपुर, अप्रैल 24 -- त्रिवेणीगंज। प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीण सड़कों का अस्तित्व मिटता जा रहा है। लगातार अतिक्रमण से ग्रामीण सडकें की चौड़ाई सिकुड़ती जा रही है और जो सड़कें बची हुई भी हैं वह सड़क किनारे बसी आबादी के लिए पशुओं का तबेला बन कर रह गया है। सड़क किनारे बसी आबादी इन सड़कों का उपयोग पशुओं को बांधने के लिए कर रहे हैं। इन अतिक्रमणकारियों के लिए हाईकोर्ट का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता है।
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