मुरादाबाद, दिसम्बर 8 -- सूर्य नगर लानइपान में चल रही श्रीमद् भागवत कथा को सुदामा चरित एवं भंडारे के साथ विश्राम दिया गया। अंतिम दिन कथा व्यास कृष्ण कांत शास्त्री ने सुदामा चरित का वर्णन किया। उन्होंने बताया भगवान कृष्ण और सुदामा की मित्रता नि:स्वार्थ थी। इसमें प्रेम समुद्र भरा था। इसी लिए सुदामा के आने की सूचना पाकर श्री कृष्ण दरबार छोड़ नंगे पांव दौड़े चले आए। वास्तव में मित्रता ऐसी ही होनी चाहिए।।इसके बाद हवन किया गया। आरती के बाद भगवान को भोग लगाया और भंडारा आरंभ किया गया। व्यवस्था में रजनी अग्रवाल, रचाना शर्मा, सुनीता गुप्ता, शीनू, लक्ष्मी, शुक्लानी, मीना आदि शामिल रहे।
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