औरैया, जनवरी 29 -- अजीतमल, संवाददाता। कस्बा क्षेत्र के ग्राम अमावता में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन में गुरुवार को सुदामा चरित्र का मनमोहक प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास आचार्य महेश चन्द्र पाण्डेय ने राजा परीक्षित जयप्रकाश सिंह, उनकी पत्नी मंजुला देवी सहित मौजूद श्रद्धालुओं को सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की निष्कलंक मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। आचार्य महेश चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि सच्ची मित्रता कैसी होनी चाहिए, यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के चरित्र से सीखने को मिलता है। उन्होंने कथा के माध्यम से बताया कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका पहुंचे। जब वे द्वारिकाधीश के महल के द्वार पर पहुंचे तो द्वारपालों ने उन्हें भिक्षुक समझकर रोक लिया। इस पर सुदामा ने स्वयं को श्रीकृष्ण का मित्र बताया। कथा व्यास ने ...