औरैया, जनवरी 10 -- याकूबपुर, संवाददाता। कस्बा के निकट स्थित गांव ओरौ में चल रहे 54वें कथा महोत्सव के अंतर्गत प्राचीन हनुमान मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को कथा के सातवें दिन कथावाचक सौरभ तिवारी ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष प्रसंगों का विस्तारपूर्वक और भावनापूर्ण वर्णन किया। कथावाचक ने कहा कि सुदामा भगवान कृष्ण के परम मित्र थे और जितेंद्रिय स्वभाव के कारण साधना और भक्ति में रमे रहते थे। भिक्षा से परिवार का पालन करने के बावजूद उनका मन हमेशा प्रभु चिंतन में लगा रहता था। गरीबी की स्थिति में पत्नी सुशीला ने उन्हें द्वारका जाकर मित्र कृष्ण से सहयोग लेने का सुझाव दिया, जिसके बाद सुदामा द्वारका पहुंचे। कथा में बताया गया कि द्वारपालों ने जैसे ही सुदामा के आने की सूचना दी, कृष्ण नंगे पैर दौड़कर दरवाजे तक ...