बदायूं, जून 30 -- बिसौली। गांव हतसा के शिव शक्ति धाम लक्ष्मी नारायण मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर कथा वाचिका देवी अंबिका ने भगवान श्रीकृष्ण के रुक्मिणी विवाह, उनके 16108 विवाहों की दिव्य कथा और सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। बताया, कैसे सुदामा जी अपनी गरीबी से परेशान होकर भी श्रीकृष्ण से मिलने संकोच करते रहे, लेकिन अंततः पत्नी के आग्रह पर चिउड़े बांधकर द्वारिका पहुंचे। वहां श्रीकृष्ण ने उन्हें गले लगाकर उनका स्वागत किया और बिना कुछ कहे ही उनके दुख हर लिए। श्रीकृष्ण ने अपने मित्र की दरिद्रता दूर कर उसके जीवन को सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य से भर दिया। इस अवसर पर श्रीनिवास शंखधार, सत्यनारायण शर्मा, सुरेंद्र,रामेंद्र मास्टर, सतपाल, मुकेश मिश्रा, शिव हरि पाराशरी, ओमप्रकाश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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