गिरडीह, दिसम्बर 5 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। सम्मेद शिखर में चातुर्मास खत्म होने के बाद गुरुवार को आर्यिका रत्न 105 गुरुमति माता जी, आर्यिका रत्न 105 दृढ़मति माता जी, आर्यिका रत्न 105 गुणमति माता जी सहित 50 माताओं का ससंघ आगमन गिरिडीह शहर में हुआ। यहां जैन श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव के साथ माताओं का स्वागत किया। गिरिडीह जैन मंदिर में ससंघ माताओं ने आहारचर्या के साथ कई विधियां पूरी की। इस दौरान प्रवचन भी दिए। जिसे सुनने के लिए काफी संख्या में महिला श्रद्धालु पहुंची हुई थी। प्रवचन के दौरान आर्यिका रत्न 105 गुरुमति माता जी ने कहा कि मनुष्य सुख की चाह में परिग्रह एकत्रित करता है। फिर उसी परिग्रह से दुखी भी होता है। जिसका कारण है कि हम संतोष नहीं करते है। प्रवचन सहित अन्य विधियां पूरी करने के बाद पदयात्रा करते हुए माताओं का ससंघ अन्य जगहों के लिए व...