गढ़वा, फरवरी 10 -- धुरकी, प्रतिनिधि। उत्तर प्रदेश में बन रहे आमवार डैम के कारण सुखलदरी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से पर्यटन स्थल के डूबने का खतरा उत्पन्न हो गया है। उससे यहां की प्राकृतिक संरचना और सौंदर्य को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डैम के पानी के प्रभाव को लेकर ठोस पहल नहीं किया गया तो सुखलदरी जलप्रपात इतिहास बनकर रह जाएगा। दो राज्यों को जोड़ने वाली बालचौरा-कनहर नदी पर पुल का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। ग्रामीणों का मानना है कि पुल निर्माण पूर्ण होने के बाद यह क्षेत्र झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच आवागमन सुगम होगा। दोनों राज्यों के बीच बेटी रोटी का संबंध प्रगाढ़ होगा। वहीं लोगों के लिए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है। अगर बालचौरा को विधिवत पर्यटन स्थल का दर्जा देकर कॉरिडोर विकसित किया जाए तो सुखल...
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