फतेहपुर, जनवरी 8 -- फतेहपुर। गौशालाओं के गोवंशो की सुरक्षा और इंतजामों के दावे खोखले साबित दिखाई पड़ रहे है। खामियों की खुली पोल के बाद से अफसरों ने सीसीटीवी से निगरानी तेज कर दी। ब्लॉक से लेकर पंचायत स्तरीय जिम्मेदारों की जिम्मेदारी तय की है। गड़बड़ियों को दुरुस्त कराने और बीमारों के इलाज की सख्त हिदायत दी। जिले की 63 गौशालाओं में संरक्षित 12 हजार से अधिक संरक्षित गोवंश सर्दियों में ठिठुरने को मजबूर है। काऊकोट व हरा चारा न मिलने से पशु बीमार हो रहे है। असोथर की सराय खालिस, बहुआ के वाहिदपुर और हथगाम के नहवइया गौशाला पड़ताल में हरा चारा, काऊकोट की कमीं और तिरपाल, साफ सफाई की अव्यवस्थाएं मिली। आपके हिन्दुस्तान अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद अफसरों ने संज्ञान में लिया है। गौशालाओं में लगे सीसीटीवी से गोवंशो और व्यवस्थाओं की निगरानी पर फो...