गुड़गांव, जुलाई 3 -- गुरुग्राम, वरिष्ठ संवाददाता। सीवर से निकले गंदे पानी से करोड़ों रुपए कमाए जा सकते हैं, ऐसा हम सोच भी नहीं सकते, लेकिन सूरत नगर निगम ने ऐसा करके दिखाया है। गटर से निकले पानी को निस्तारित करके एक-दो करोड़ में नहीं बल्कि 140 करोड़ में वहां लगे उद्योगों को बेचा जा रहा है। इससे नगर निगम को राजस्व का लाभ भी मिल रहा है। मानेसर में आयोजित शहरी स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधित करते हुए सूरत नगर निगम की आयुक्त शालिनी अग्रवाल ने यह सफलता की कहानी सभी को सुनाई। उन्होंने बताया कि सूरत विश्व भर में डायमंड सिटी के नाम से जाना जाता है। इसके साथ-साथ यहां बड़े पैमाने पर टेक्सटाइल इंडस्ट्री और सोलर प्लेट की यूनिट भी स्थापित हैं। सूरत शहर से हर रोज बड़ी मात्रा में पानी इस्तेमाल किया जाता है। गंदा पानी सीवरेज ...
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