अलीगढ़, नवम्बर 25 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल अब जमीन से नीचे उतर चुका है। बेसमेंट में गंभीर स्वास्थ्य सेवाएं भी बिना रोक-टोक संचालित हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाकर अस्पताल संचालक मरीजों को अंधेरे, बंद और जोखिम भरे कमरों में इलाज के नाम पर ठूंस रहे हैं। सोमवार को हिंदुस्तान की टीम ने जब इन अस्पतालों की पड़ताल की तो हालात दयनीय मिले। यह साफ दिखा कि निरीक्षण सिर्फ कागजों में मर्यादित है। सबसे चौंकाने वाला हाल जीवन ज्योति हॉस्पिटल का मिला, जहां गंभीर मरीजों का इलाज तालेबंद बेसमेंट में कैद है। शहर हो या देहात, हर जगह अस्पतालों की नई 'तहखाना संस्कृति' तेजी से पनप रही है। वहां मरीजों की सुविधा नहीं, बल्कि अस्पताल संचालकों का मुनाफा सबसे ऊपर है। जमीन के नीचे ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी, वार्ड और यहां तक कि गंभी...
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