रांची, फरवरी 8 -- रांची, विशेष संवाददाता। केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड (सीयूजे) के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक विशेष अकादमिक विमर्श में वैज्ञानिक नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), राउरकेला के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर व डीन (छात्र कल्याण) प्रो. निरंजन पांडा मुख्य वक्ता थे। प्रो. निरंजन पांडा ने-कार्बनिक संश्लेषण में ऊष्मीय रूप से उत्पन्न धनायन पूल (थर्मली जनरेटेड केटायन पूल) विषय पर सारगर्भित वैज्ञानिक प्रस्तुति दी। उन्होंने केटायन पूल की मूल अवधारणा और आधुनिक कार्बनिक संश्लेषण में इसके अनुप्रयोगों को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह तकनीक जटिल रासायनिक अभिक्रियाओं को अधिक सटीक, प्रभावी और नियंत्रित तरीके से संपादित करने में क्रांतिकारी भूमिका निभाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित ...