बरेली, फरवरी 6 -- अगर आपको दक्षिण अफ्रीका का लक्ष्मी तरु-धौरा, चंदन, चीन का पुत्रजीवा, आस्ट्रेलिया का रोबस्टा-नीलगिरी- समुद्रफल, जापान का कपूर, श्रीलंका का नागकेशर, पाकिस्तान का चमरोड़ का पेड़ देखना है तो वन विभाग के आर्बोरेटम (वृक्ष उद्यान) जाना होगा। वन विभाग सीबीगंज स्थित वन अनुसंधान केंद्र में रुहेलखंड का सबसे बड़ा वृक्ष उद्यान (आर्बोरेटम) विकसित किया है। यहां उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में उगने वाले हिसालू, घिंगारु, किल्मोड़ा, कश्मीर का कासमीरव, बिहार की गुड़भेली, केरल, मध्य प्रदेश का सागौन, नेपाल, बांग्लादेश का साल, अफ्रीकी वृक्ष बलमखीरा, म्यामार-चीन का कचनार, नेपाल का रुद्राक्ष समेत 70 से अधिक प्रजातियां संरक्षित की गई हैं। इनमें से कई अति दुर्लभ प्रजातियों की श्रेणी में है। वन विभाग ने संरक्षित इन पेड़ों के वैज्ञानिक अभिलेख भी ...
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