रामपुर, सितम्बर 29 -- मिलक में शनिवार की शाम रामलीला मंचन की शुरुआत सीताहरण की लीला से हुई, जहां रावण ने मारीच के स्वर्ण मृग के रूप में छलपूर्वक सीता का अपहरण किया। इस दौरान लक्ष्मण रेखा लांघते ही रावण ने साधु के वेश में आकर सीता माता को झांसे में लिया और उन्हें पुष्पक विमान में बैठाकर लंका की ओर रवाना हो गए। जिसके बाद कलाकारों द्वारा मंच पर हनुमान जी और जटायू के पात्रों ने जीवंत अभिनय कर दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं, रावण से सीता की रक्षा करते हुए जटायू का बलिदान दर्शाया गया। इसके बाद लीला में भगवान राम का शबरी से मिलन दिखाया गया। शबरी द्वारा दिए गए झूठे बेर खाते समय श्रीराम का भावुक स्वरूप दर्शकों के मन को छू गया। लीला के अंतिम भाग में सुग्रीव मिलन एवं बाली वध को समर्पित रहा।
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