नवादा, दिसम्बर 11 -- नवादा/मेसकौर, हिसं/निप्र। अगले वर्ष फिर से मिलने के संकल्प के साथ सीतामढ़ी मेला महोत्सव का बुधवार को समापन हो गया। इसके साथ ही सीतामढ़ी मेला महोत्सव लोक संस्कृति की विरासत छोड़ गया। नवादा की लोक-संस्कृति, लोक आस्था और ऐतिहासिक विरासत को समर्पित प्रतिष्ठित सीतामढ़ी मेला महोत्सव का सात दिवसीय भव्य आयोजन बुधवार को औपचारिक रूप से संपन्न हो गया। माता जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी में आयोजित इस मेले ने एक बार फिर आपसी सद्भाव और आस्था का अनूठा उदाहरण पेश किया। अंतिम दिन, बुधवार की सुबह भी माता जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना का दौर जोरों पर रहा और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं का जुटना निरंतर जारी रहा। मेले के अंतिम दिन, मंगलवार की शाम से ही इसका ढलान साफ तौर पर दिखने लगा था। बुधवार को मुख्य बाजार और मेला क्षेत्र में पिछले दिनों जैसी ...