सीतापुर, जनवरी 27 -- मानपुर। परम हंस बाबा जगमोहन दास महाराज की समाधि स्थल पर सात दिवसीय विष्णु महायज्ञ के चौथे दिन हवन पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभांरत हुआ। यज्ञाचार्य अंकित बाजपेई ने अरनी मंथन की विधि का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया प्रकृति और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का प्रतीक है। दो पवित्र काष्ठों के मंथन से उत्पन्न अग्नि को वेदों में जीवन शक्ति का प्रतीक माना गया है। यह केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि मानव जीवन में शुद्धता, ऊर्जा और सकारात्मकता के संचार का माध्यम है। यज्ञाचार्य ने प्रवचन में कहा कि हवन केवल अग्नि में आहुति डालने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और समाज शुद्धि का माध्यम है। उन्होंने बताया कि हवन से वातावरण शुद्ध होता है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। वैदिक मंत्...