नई दिल्ली, नवम्बर 21 -- नई दिल्ली। इसी साल 14 मई को देश के 52वें प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बनने के बाद जस्टिस बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को लागू किया। आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद देश की सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त होने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति में आरक्षण को लागू नहीं किया गया था। देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने जून में एससी/एसटी के लिए आरक्षण को लागू किया और 5 जुलाई 2025 को ऐतिहासिक फैसला करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अन्य के लिए भी आरक्षण को लागू किया। उनके इस फैसले को सामाजिक न्याय के तौर पर देखा गया। हालांकि इसके लिए उनकी आलोचना भी कई। सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना जारी कर अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति में ए...