नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के कई सेवानिवृत्त जज ने मंगलवार को एक बयान जारी कर सीजेआई के खिलाफ चलाए गए अभियान पर आपत्ति जताई। सीजेआई सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान 'रोहिंग्या प्रवासियों पर टिप्पणी की थी। इसी टिप्पणी के विरोध में उनको निशाना बनाकर एक अभियान चलाया गया था। बयान में कहा गया कि पांच दिसंबर को कुछ पूर्व जज, वकीलों और न्यायिक जवाबदेही एवं सुधार अभियान (सीजेएआर) द्वारा एक खुला पत्र जारी किया गया था, जिसमें भारत में रोहिंग्या शरणार्थियों के हिरासत में लापता होने का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की पीठ द्वारा दो दिसंबर को रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर गहरी चिंता जताई गई थी। बयान पर 40 से अधिक जज के हस्ताक्षर हैं।

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