कानपुर, नवम्बर 11 -- कानपुर। सीएसए कृषि विश्वविद्यालय के डॉ खलील खान ने किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में धान व अन्य खरीफ फसलों के अवशेषों को न जलाएं। फसल अवशेषों को जलाने से मृदा के तापमान में वृद्धि हो जाती है, जिससे मृदा की उर्वरा शक्ति पर विपरीत असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर कंपोस्ट या वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर खेतों में प्रयोग करें। इससे खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और मृदा की जल धारण क्षमता में भी वृद्धि होगी।

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