पटना, जनवरी 5 -- बिहार में बिजली की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं की निगरानी अब सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से होगी। इज ऑफ लिविंग के तहत सरकार ने साफ कर दिया है कि बिजली से जुड़ी सेवाओं में देरी, लापरवाही और जवाबदेही की कमी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विनियामक आयोग की ओर से तय समय सीमा के भीतर नए कनेक्शन देने, बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों के निवारण, नए पोल लगाने और अन्य उपभोक्ता सुविधाओं की उपलब्धता को अब ऑनलाइन डैशबोर्ड पर लगातार ट्रैक किया जाएगा। निगरानी टीम यह देखेगी कि किस वजह से सेवा समय पर नहीं मिली और देरी जानबूझकर की गई या संरचनात्मक समस्या के कारण लापरवाही साबित होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस संबंध में विभाग को पत्र लिखा है। निग...
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