बलिया, फरवरी 22 -- बलिया, संवाददाता। जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला स्वास्थ्य विभाग की कागजी खानापूरी बनकर रह गया है। स्थिति यह है कि सरकार के मंशानुरूप अधिकांश अस्पतालों पर न तो तीनों पैथ के डॉक्टर उपस्थित रहे हैं और न ही जांच और दवाओं का पर्याप्त इंतजाम है। विभागीय जिम्मेदारों की लारवाही से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का ग्रामीणों को लाभ नहीं मिल रहा है। 'हिन्दुस्तान' टीम ने रविवार को कुछ अस्पतालों की पड़ताल किया। रसड़ा हिसं के अनुसार स्थानीय ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरायभारती और न्यू पीएचसी कोटवारी, चंद्रवार, मुड़ेरा व जाम में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला का आयोजन हुआ। आरोग्य मेला में किसी भी अस्पताल पर तीनों पैथ के डाक्टर नहीं दिखे। इन अस्पतालों में मरीजों की संख्या भी पहले से काफी कम हो गई है। कुछ ही मरीज ...