धनबाद, मई 25 -- धनबाद, विशेष संवाददाता। विभागीय कोयला कर्मियों की संख्या हर साल घट रही है। इस कारण कोयला खान भविष्य निधि संगठन पर भी असर पड़ा है। कर्मियों की संख्या घटने से पीएफ फंड में पैसा कम जमा हो रहा और सेवानिवृत्तों की संख्या बढ़ने से निकासी ज्यादा हो रही है। बीएमएस के कोयला प्रभारी सह जेबीसीसीआई सदस्य के लक्ष्मा रेड्डी ने कहा कि अब आउटसोर्सिंग और निजी कोयला कंपनियों को सीएमपीएफ में पीएफ की राशि जमा करने की बाध्यता है। एनआईटी में संशोधन कर दिया गया है। स्पष्ट लिखा जा रहा है कि कामगारों के भविष्य निधि की राशि सीएमपीएफ में जमा करनी होगी। अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ की कार्यसमिति बैठक में भाग लेने के लिए धनबाद पहुंचे रेड्डी ने कहा कि पहले एनआईटी यानी कांट्रेक्ट देने के समय किए जाने वाले करार में पीएफ के लिए सीएमपीएफओ/ईपीएफओ लिखा रहता था...
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