नई दिल्ली, जनवरी 7 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कांस्टेबल की नौकरी के इच्छुक एक व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी। याचिका में उसने शरीर के विभिन्न भागों पर टैटू के निशान होने के कारण उम्मीदवारी खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। अभ्यर्थी ने मेडिकल परीक्षा से पहले वे टैटू हटा दिए थे, लेकिन उनके निशान बाकी थे। अदालत ने कहा कि किसी उम्मीदवार के स्वास्थ्य का मूल्यांकन उस स्थिति के आधार पर होना चाहिए, जो विस्तृत मेडिकल जांच वाले दिन थी। न्यायमूर्ति सौगात भट्टाचार्य ने कहा कि अगर मेडिकल जांच में कोई गड़बड़ी हो, तो उम्मीदवार को मेडिकल बोर्ड से दोबारा (रिव्यू) जांच कराने का अधिकार है। लेकिन अदालत ने यह भी साफ किया कि खुद को फिट घोषित कराने के लिए विस्तृत मेडिकल जांच के बाद और पुन: जांच से पहले टैटू हटवाना स्वीकार्य नह...