जमशेदपुर, फरवरी 8 -- उद्योगपति कैरव गांधी अपहरण कांड में लुधियाना निवासी तेजिंदर पाल सिंह का नाम सामने आने के बाद पुलिस की जांच और कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। जांच में खुलासा हुआ है कि तेजिंदर पाल सिंह साल 2017 और 2020 में शहर में फरारी काट चुका है। इस दौरान उसे मानगो इलाके के एक ट्रांसपोर्टर ने पनाह दी थी, जिसकी भूमिका अब पुलिस की जांच के घेरे में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, तेजिंदर पाल को उक्त ट्रांसपोर्टर ने सीएच एरिया स्थित अपने करीबी सहयोगी के घर ठहराया था। यहां वह कई महीनों तक गुप्त रूप से रहा और शहर की गतिविधियों पर नजर रखता रहा। इस दौरान उसने स्थानीय नेटवर्क को मजबूत किया। कुछ समय बाद वह रायपुर चला गया, जहां कुछ समय तक रहा। इसके बाद उसकी मौजूदगी कोलकाता में दिखी थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि तेजिंदर पाल सिंह का नाम व...