बुलंदशहर, दिसम्बर 12 -- शातिरों की जमानत कराने के लिए थाने एवं दरोगा की फर्जी मोहर लगाने के मामले में पूरे सिस्टम को हैक किया गया। पुलिस आंखें मूंदे रही और फर्जी जमानत के बल पर शातिर जेल से बाहर आकर मौज काटते रहे। पूरे मामले में सवाल उठता है कि जब न्यायालय द्वारा पैरोकार के माध्यम से थानों से जमानतदारों की सत्यापन आख्या मंगाई जाती है तो पुलिस विभाग के विभीषण को क्यों बख्शा जा रहा है? आखिर ऐसा शख्स कौन है, जिसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारी मामले में गहन जांच की बात कह रहे हैं। गौरतलब है कि जिले में कई वर्षों से फर्जी जमानतदारों के साथ-साथ थाने और दरोगाओं की फर्जी मोहर के दम पर शातिरों की जमानत कराने का खेल खेला जा रहा था। सिकंदराबाद और जिले के अन्य शातिरों के साथ-साथ हरियाणा के एक महिला और पुरुष की भी जमानत फर्जीवाड़े के आ...