नई दिल्ली, फरवरी 5 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2023, विशेष रूप से पेपर-2 (सीसैट) को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा अत्यंत सीमित होता है। न्यायमूति अनिल क्षेत्रपाल एवं न्यायमूर्ति अमित महाजन की खंडपीठ ने असफल उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह को खारिज किया। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2023 के सीसैट पेपर में पूछे गए कुछ प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर थे। पीठ ने स्पष्ट किया कि वह विशेषज्ञों की राय पर अपील की तरह विचार नहीं कर सकता और न ही प्रश्नों की पुनः जांच कर अपनी राय विशेषज्ञ संस्थाओं की राय के स्थान पर रख सकता है। पीठ ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्...
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