रांची, जनवरी 15 -- सिल्ली, प्रतिनिधि। सिल्ली, मुरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को किसानों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ आखाइन यात्रा एवं कुड़माली नव वर्ष मनाया। इस अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को कुड़माली नए साल की शुभकामनाएं दीं। यह दिन किसानों के लिए अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता के अनुसार इसी दिन किसान अपने खेतों में प्रथम जुताई कर नई फसल की शुरुआत करते हैं और बेहतर पैदावार की कामना करते हैं। इस परंपरा को "हार पुनहा" कहा जाता है। हार पुनहा के बाद किसान अपने घर लौटते हैं, जहां घर की महिलाएं विधि-विधान के साथ किसानों एवं मवेशियों के पैर धोती हैं। इसके पश्चात मवेशियों के सींगों में तेल और सिंदूर लगाकर उनकी पूजा की जाती है, ताकि वे स्वस्थ रहें और खेती कार्य में सहयोग दें। इस मौके पर समाजसेवी एवं किसान नंद किश...