रांची, मई 2 -- सिल्ली, प्रतिनिधि। सिल्ली प्रखंड के हजाम गांव की 14 वर्षीय अंजलि कुशवाहा अपनी मधुर वाणी और हारमोनियम की स्वरलहरियों से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। छोटी उम्र में देवी गीतों की प्रस्तुति कर रही यह बालिका ना सिर्फ अपने गांव में, बल्कि आसपास के इलाकों में भी अपनी प्रतिभा से प्रसिद्ध होती जा रही है। अंजलि बीते छह वर्षों से हारमोनियम और गायन का अभ्यास कर रही है। उसने कम उम्र में ही अपने पिता ठाकुरदास कोइरी से संगीत की प्रेरणा ली, जो स्वयं इलाके के एक कुशल संगीतकार हैं। पिता की छत्रछाया में अंजलि ने पहले हारमोनियम सीखा और फिर देवी गीतों से शुरुआत करते हुए धीरे-धीरे अन्य वंदनाओं को भी स्वर देना शुरू किया। मधुर स्वर और बहुआयामी वादन क्षमता है अंजलि में: अंजलि न केवल हारमोनियम बजा लेती है, बल्कि बैंजो और गिटार जैसे वाद्य यंत्रो...
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