संभल, अगस्त 17 -- कर्बला के बहत्तर शहीदों की याद में शुक्रवार को सिरसी कस्बे में अजादारों ने छुरियों से मातम कर अपनी पीठ को लहूलुहान कर लिया। इसके बाद नौजवानों ने नंगे पैर दहकते अंगारों पर चलकर आग का मातम किया। नवासा-ए-रसूल हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला के शहीदों की याद में दो कदीमी शबीहे जुलजनाह के जुलूस परंपरागत अदब व एहतराम के साथ निकाले गए। जुलूस इमामबाड़ा मोहल्ला ग़र्बी और इमामबाड़ा मोहल्ला शर्की सादात से निकाले गए, जिनमें अलम, ताबूत और हज़रत अली असगर अलैहे का झूला शामिल था। हजारों की संख्या में अज़ादार नम आंखों से शोक व्यक्त करते हुए शामिल हुए। कस्बे में मजलिसें भी आयोजित हुईं। मौलाना मेहज़र अली, एहतशाम अली, शमीम, असगर, समर अब्बास, मारूफ सिरसीवी और इंजीनियर वक़ी अब्बास ज़री ने संबोधित करते हुए कहा कि चौदह सौ वर्ष पूर्व यज़ी...
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