लखनऊ, दिसम्बर 6 -- प्रतिबंधित कफ सिरप की तस्करी के दो आरोपियों विभोर राणा और उसके भाई विशाल की जमानत अर्जी कोर्ट ने शनिवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि इस सिरप की नशे के तौर पर सप्लाई करना अपराध है। इस प्रकरण की विवेचना चल रही है। लिहाजा दोनों आरोपी जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। फरवरी 2024 में इस सिरप की शीशियां बरामद होने के बाद सुशांत गोल्फ सिटी कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना में इसमें कई लोगों का नाम आता गया। इस पर ही एसटीएफ ने दो आरोपियों विभोर राणा व विशाल राणा को गिरफ्तार किया था। इन दोनों से पूछताछ में शुभम जायसवाल, अमित टाटा और बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह का नाम सामने आया। इसके बाद अमित और आलोक की गिरफ्तार भी एसटीएफ ने की। इन सभी ने जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी। शनिवार को विभोर और विशाल की जमानत अर...