गाज़ियाबाद, दिसम्बर 2 -- गाजियाबाद। शारीरिक समस्याएं काम करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन हौंसलों को नहीं तोड़ सकतीं। मोदीनगर की दृष्टि बाधित खिलाड़ी सिमरन शर्मा और मोरटा निवासी दिव्यांग राजकुमार ने यह साबित कर दिया है। दोनों अन्य दिव्यांगों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए हैं। सिमरन पैरा एथलीट में देश और विदेश में गाजियाबाद का नाम रोशन कर चुकी है तो राजकुमार 500 मरीजों को टीबी मुक्त करा चुके हैं। मोदीनगर की कृष्णाकुंज कॉलोनी निवासी सिमरन शर्मा दृष्टिबाधित खिलाड़ी होने के बाद भी दिव्यांग व सामान्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हैं। पैरा एथलीट खिलाड़ी सिमरन शर्मा ने अंतरर्राष्ट्रीय ,राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर एक मिसाल कायम है। सिमरन ने सन 2024 के पेरिस पैरालिपिंक में दो सौ मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता। इसके अलव...
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