सहारनपुर, फरवरी 5 -- सिद्ध पीठ शिव बगलामुखी मंदिर के अष्टम 23वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का समापन यज्ञ पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। कथा व्यास आचार्य पंडित रोहित वशिष्ठ महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का रसपान कराते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का वांग्मय स्वरूप है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण धरा धाम से प्रस्थान करते समय एक रूप में गोलोक धाम गए और दूसरे रूप में श्रीमद् भागवत महापुराण में विराजमान हुए। कलयुग में भगवान के दर्शन भागवत के माध्यम से ही संभव हैं। कथा का समापन भागवत पूजन, आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इससे पूर्व आचार्य पंडित शुभम कौशिक एवं आचार्य पंडित कुलदीप शर्मा ने यजमानों से देव पू...