चतरा, मई 12 -- इटखोरी, निज प्रतिनिधि। इटखोरी भद्रकाली मंदिर परिसर में बुद्ध की करीब पांच फीट लम्बी और चार फीट चौड़ी आकार में प्रतिमा विराजमान है। इस प्रतिमा में लघु आकार के 1008 प्रतिमाएं उत्कीर्ण हैं। इसी शिलाकाय में भगवान बुद्ध की एक महानिर्वाण काल की प्रतिमा स्थित है। पुरातत्वविद एनजी निकासे बताते हैं कि भगवान गौतम बुद्ध विश्व कल्याण के लिए भद्रकाली के महाने नदी से गुजरे थे। वे जहां जहां भी रुके उनकी खोज कर बुद्ध स्तुप बनवाया गया। यहां का स्तुप करीब करीब 12 सौ साल पुरानी है। भद्रकाली के विभिन्न स्थलों में तीन साल के दौरान तीन चरणों में खुदाई की गई। इनमें चार बुद्ध स्तुप पाये गये। पूरातत्विदों का मानना है कि बुद्ध महाने नदी के रास्ते बोध गया पहुंचे थे। बोध गया में तपस्या के बाद उहोंने ज्ञान की प्रप्ति की थी। शास्त्रों के अनुसार बुद्ध पुर...
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