मिर्जापुर, जनवरी 14 -- राजगढ़। स्थानीय गुरुद्वारा पर मंगलवार शाम लगभग सात बजे सिख समुदाय के लोगों ने धूमधाम से लोहड़ी का पर्व मनाया। साथ ही लोगों को लोहड़ी की एक-दूसरे को लख-लख बधाइयां दीं। इस मौके पर लोहड़ी की आग जलाकर उसके चारों ओर भांगड़ा नृत्य करते हुए खुशियां मनाई गईं। मान्यताओं के अनुसार लोहड़ी को दुल्ला भट्टी की याद में मनाया जाता है। इस लोक कथा के अनुसार मुगलों के समय में बहादुर योद्धा दुल्ला भट्टी मुगलों के जुल्म के खिलाफ कदम उठाया। मुगलों के अपहरण से नाबालिग बच्चियों को दल्ला भट्टी ने बचाया और उनके विवाह की व्यवस्था करने के लिए ही लोहड़ी त्योहार प्रसिद्ध माना गया। साथ ही लोहड़ी का पर्व फसलों से संबंधित होने और दिन के बड़ा होने की शुरुआत का भी प्रतीक है। सर्दियों में सिख समुदाय के लोग अलाव जलाकर पारंपरिक गीत गाकर भांगड़ा करके और ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.