बुलंदशहर, अक्टूबर 5 -- क्षेत्र में गुरुवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। क्षेत्र में कई स्थानों पर रावण के पुतले का दहन किया गया। लेकिन पौराणिक कथा के अनुसार सिकंदराबाद में रावण के पुतले का दहन नहीं हुआ। सोमवार को मेले के साथ रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। गौरतलब है कि प्राचीन काल से सिकंदराबाद में विजयादशमी को दशानन के पुतले का दहन नहीं किया जाता ।पुतले का दहन दशहरे के चार दिन बाद यानी चौदस को किया जाता है ।जिसके चलते रामलीला मैदान के आसपास बड़ा मेला लगता है। जिसमें क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग आते हैं। किवदंती के अनुसार जब रावण युद्ध में मारा गया, तो रावण की पत्नी मंदोदरी सिकंदराबाद में चार दिन तक मृत शरीर को जीवित होने की आशा लेकर शिव मंदिर में बैठी रही थी। वह मंदिर आज भी किशन तालाब मंदिर परिसर में स्थित है। लेकिन वह जी...
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