मथुरा, जनवरी 21 -- सिंधी सपूत शहीद हेमू कालाणी के 83वें बलिदान दिवस पर जहां बच्चों और युवाओं को देशभक्त की कहानियां सुनाकर सिंधी सपूत के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित किए, वहीं शासन से मथुरा में शहीद हेमू कालाणी के नाम किसी चौराहे या पार्क के नामकरण की भी मांग की गयी। बहादुरपुरा स्थित स्वामी लीलाशाह सिंधी धर्मशाला में आयोजित संगोष्ठी में रामचंद्र खत्री ने कहा कि जिस उम्र में आज के युवा फिल्मी कलाकारों को अपना आइडल मान रहे हैं, उससे भी कम उम्र में सिंधी सपूत हेमू कालाणी ने शहीद भगत सिंह को अपना आइडल मान लिया था। मात्र 19 वर्ष की आयु में देश के लिए अपना बलिदान देने वाले हेमू कालाणी से समाज को सीख लेनी चाहिए। गुरमुखदास गंगवानी ने समाज के उत्थान एवं सामाजिक व राजनीतिक अधिकारों पर चर्चा करते हुए शासन और नगर निगम से मथुरा के किसी चौराहे या पार्क का...
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