बांका, अप्रैल 13 -- धोरैया (बांका)। संवाद सूत्र बांका जिला के धोरैया प्रखंड अंतर्गत अहिरो पंचायत के सिंगारपुर गांव के वार्ड संख्या 05 में करीब तीन वर्ष पूर्व पीएचईडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) द्वारा निर्मित जलमीनार और नल-जल योजना आज सिर्फ सरकारी विफलता की मिसाल बन कर खड़ा है। बिहार सरकार की बहुप्रचारित 'हर घर नल का जल योजना, जो मुख्यमंत्री के सात निश्चय कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है, इस गांव में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। जानकारों का मानना है कि जलमीनार को चालू करने के लिए सबसे पहले उसकी तकनीकी जांच होनी चाहिए। मोटर, विद्युत कनेक्शन और पानी के स्रोत की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके बाद पाइपलाइन की सफाई और टोटी की मरम्मत कर, जल वितरण प्रणाली को सक्रिय करना होगा। सिंगारपुर गांव की स्थिति यह दर्शाती है कि योजनाएं कितनी ...
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