पटना, फरवरी 15 -- आज उठी है आवाज संस्था की ओर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में रविवार को काव्य महोत्सव आयोजित हुआ। कवियों की काव्य पाठ ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उद्घाटन हृदय नारायण झा, रामधारी सिंह दिनकर के पौत्र अरविंद कुमार सिंह, संस्थापक अश्विनी अविराज ने किया। हृदय नारायण झा ने युवाओं को शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। अरविंद कुमार सिंह ने रश्मिरथी का पाठ कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। अश्विनी अविराज विराज की पंक्ति 'खुद के लफ्जों को बरतने का सलीका चाहिए, मुझको मोहब्बत में चलने का सलीका चाहिए' पर युवाओं की तालियों से परिसर गूंज उठा। खुशबू प्रिया, विकास कुमार, प्रीति कुमारी आदि कवि-कवियित्रियों ने रचनाओं का पाठ किया।
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