रांची, जुलाई 16 -- रांची, विशेष संवाददाता। रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर नागपुरी विभाग में बुधवार को साहित्यिक संगोष्ठी की गई। मुख्य वक्ता विश्व भारती शांति निकेतन विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल के पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो मुक्तेश्वर नाथ तिवारी ने कहा कि साहित्य के लिए प्रकृति और आमजन का करीब होना जरूरी है। कहा कि प्रकृति मानव जीवन को प्रभावित करती है और साहित्य में इसका चित्रण मानव अनुभव को समृद्ध करता है। उन्होंने प्रकृति के साथ जुड़ाव मानव मन को शांत और कल्पना को जगृत करने के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ उमेश नंद तिवारी, डॉ रिझू नायक सहित शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.