प्रयागराज, मार्च 8 -- हिंदुस्तानी एकेडेमी, नया परिमल और हिंदी विभाग इविवि की ओर से एकेडेमी के परिसर में डॉ. कन्हैया सिंह की स्मृति में आयोजित पांच दिवसीय साहित्य कुम्भ का शुक्रवार को समापन हुआ। पहले सत्र में काव्य गोष्ठी हुई, जिसमें लखनऊ से आए कवि अमित श्रीवास्तव ने 'तुम ख्वाब सी थी मैं नींद सा था, रात भी कुछ रुकी सी है दिन भी कुछ जमा सा है पंक्तियां सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही लूटी। गोरखपुर की कवयित्री डॉ. चारूशीला सिंह ने 'सबसे जुदा थे लोग निराले चले गए, जाने कहां वो चाहने वाले चले गए पंक्तियां सुनाईं। डॉ. श्लेष गौतम ने तुम्हारी याद की आंधी पुरानी पीर ले गई जैसे कई मुक्तक सुनाए तो नवगीतकार यश मालवीय ने अपने पिता पर गीत सुनाया। अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने युवाओं में तेजी से फैल रहे अवसाद विषयक कविताएं ल...
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