हरदोई, दिसम्बर 3 -- हरदोई। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय में श्रृद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु ग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेककर हुई। गुरुवाणी की मधुर ध्वनियाँ पूरे वातावरण में गूंजती रहीं। संघ के सह प्रांत प्रचारक संजय ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहस, शौर्य और धर्म-रक्षा के अमर प्रतीक थे। सिख पंथ के नौवें गुरु के रूप में उनका जीवन मानवता की सेवा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने बताया कि मुगल शासक औरंगज़ेब के अत्याचारों से पीड़ित कश्मीरी पंडितों ने गुरु महाराज की शरण ली थी। गुरु जी ने उन्हें धर्म रक्षा का आश्वासन दिया और औरंगज़ेब की दमनकारी नीतियों का साहसपूर्वक सामना किया। धर्म परिवर्तन के दबाव और कठोर यातनाओं के बावजूद वे अपने सिद्धांतों से ...