सीतामढ़ी, फरवरी 8 -- सीतामढ़ी। गांवों में अक्सर खेती को सिर्फ परंपरा माना जाता है, लेकिन जब उसमें मेहनत, नई सोच और परिवार का साथ जुड़ जाए तो वही खेती सफलता की मिसाल बन जाती है। जिले के बथनाहा प्रखंड के बैरहा गांव की सास-बहू की जोड़ी ने अपनी मेहनत व लगन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल दी है। फूलों की खेती से शुरू हुआ उनका छोटा प्रयास अब सफल व्यवसाय का रूप ले चुका है और पूरे इलाके में प्रेरणा की कहानी भी बन चुका है। इस पहल से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि आसपास की महिलाओं को भी स्वरोजगार के लिए नई दिशा मिली है। सास-बहू की सफलता से प्रेरित होकर गांव की दो दर्जन से अधिक महिलाएं फूलों की खेती कर रही है। वर्तमान में खेती से परिवार को सालाना लगभग 4 से 5 लाख रुपये की आमदनी हो रही है। जब हौसले खिले, तो फूल भी मुस्कु...