हाथरस, अप्रैल 10 -- सासनी, संवाददाता। सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2624 वाँ जन्मकल्याणक महोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। सुबह प्रभु जी का नित्य अभिषेक पूजन हुई। हाथरस सदर विधायिका अंजुला माहौर ने शोभायात्रा का उद्घाटन करते हुए कहा कि विचारों में अनेकान्त, वाणी में स्याद्वाद, आचरण में अहिंसा और जीवन में अपरिग्रह ये भगवान महावीर के चार प्रमुख सिद्धांत थे। भगवान महावीर का जीवन नर से नारायण, पशु से परमेश्वर व आत्मा से परमात्मा बनने की कहानी व्यक्त करता है। उनके पाँच नाम वीर, अतिवीर, सन्मति, वर्धमान और महावीर की सार्थकता बताई गई। उन्होेंने कहा कि क्षत्रिय कुल में जन्मे बालक महावीर प्रारंभ से ही तीस वर्षों तक राजकाज में निर्मोही रहे, तत्पश्चात् मुनि दीक्षा धारण कर बारह वर्षों तक कठोर तप किया...
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