जहानाबाद, जनवरी 3 -- अरवल, निज संवाददाता। सावित्रीबाई फुले की जयंती माली मालाकार कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष विकास कुमार की अध्यक्षता में बड़े ही धूमधाम के साथ मनायी गयी। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष ने कहा कि हर साल 3 जनवरी को भारत में सावित्रीबाई फुले की जयंती बड़े हर्ष के साथ मनाई जाती है। महिलाओं की शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के गौरवशाली संघर्ष का प्रतीक सावित्रीबाई फुले हैं। जिस दौर में महिलाओं का पढ़ना लगभग न के बराबर था, उस दौर में सावित्रीबाई फुले ने केवल महिलाओं को पढ़ाया बल्कि महिलाओं से जुड़ी कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई भी लड़ीं। सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और कवयित्री थीं, जिन्होंने 19वीं सदी में रूढ़िवादिता, जातिवाद और लिंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई। उनके प्रयासों से न केवल लड़कियों की शिक्षा के द्वार खुले, ब...