नई दिल्ली, मई 27 -- सुप्रीम कोर्ट (SC) ने मंगलवार को हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर से जुड़ी एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में सावरकर के संबंध में 'कुछ तथ्यों को स्थापित' कराने और उनके नाम के दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के किसी भी मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं हुआ है, इसलिए अदालत इसमें दखल नहीं दे सकती। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह याचिका डॉ. पंकज फडणीस ने दाखिल की थी, जो स्वयं अदालत में पेश हुए। उन्होंने सावरकर का नाम "प्रतीक और नाम (अनुचित उपयोग की रोकथाम) अधिनियम, 1950" की अनुसूची में शामिल करने की मांग की थी। यह कानून कुछ नामों और प्रतीकों के व्यावसायिक या पेशेवर दुरुपयोग को रोकने के लिए ल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.