सुपौल, जुलाई 18 -- सावन में धर्म-कर्म के साथ बाजार में हरी चूड़ियों के कारोबार में भी तेजी हन्दिू धर्म में हरी चूड़ियों को माना गया है सुहाग का प्रतीक हरी चूड़ियों की हो रही डिमांड, सुहागिनें कर रहीं खरीदारी बाजार में डिजाइनदार हरी चूड़ी व लहठी की भी मांग फिरोजाबाद-मुजफ्फरपुर व सहरसा की भी चूड़ी-लहठी डिमांड में त्रिवेणीगंज, निज संवाददाता सावन की हरियाली में बाजार भी हरा-भरा हो गया है। सावन में धर्म-कर्म के साथ-साथ श्रृंगार की हरी चूड़ियों के कारोबार में भी निखार आ गया है। महिलाएं चूड़ियों की खरीदारी कर रही हैं। हरी चूड़ियों को हन्दिू धर्म में सुहाग का प्रतीक माना गया है। यह सावन में होने वाले सोलह श्रृंगार का अहम हस्सिा है। खासकर, महिलाओं के लिए हरे रंग की चूड़ियां पहनने का विशेष महत्व बताया जाता है। मुख्यालय में खासकर सौंदर्य प्रसाधन की दुका...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.